सर्वाधिकार सुरक्षित

MyFreeCopyright.com Registered & Protected

Click here for Myspace Layouts
Free CountersFree CountersFree CountersFree CountersFree CountersFree CountersFree CountersFree CountersFree CountersFree Counters

Sunday, November 11, 2012

पानी का दर्द



पानी में खड़े लहरें न गिनना, यारों।

व्‍यर्थ है पानी पे इबारत लिखना, यारों।।

डूब के गहरे पहले सागर की तह नापो,

फिर कहीं सागर का इतिहास सुनना, यारों।

उपलब्धियों के नाम अंजुरी भर रेत में,

व्‍यर्थ है सीपियां औं घोंघें चुनना, यारों।

डूबते के लिए तिनके का सहारा बहुत-

होता है, मुश्किल है वह तिनका बनना, यारों।

पानी के दर्पन पे पैंक कर कंकरियां,

अच्‍छा नहीं पानी का दर्द गुनना, यारों।
-----